गुरुवार, 4 मार्च 2010

तीखी नोकझोंक हुई मनमोहन-आडवाणी में

तीखी नोकझोंक हुई मनमोहन-आडवाणी में

नई दिल्ली। लोकसभा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भाजपा के नेता लालकृष्ण आडवाणी के बीच कश्मीर पर गुप्त बातचीत और रक्षाकर्मियों के लिए एक पद एक पेंशन योजना लागू करने के मुद्दे को लेकर बुधवार को तीखी नोकझोंक हुई।

वहीं विपक्ष ने एक कथित चीनी घोटाले को लेकर कृषि मंत्री शरद पवार पर राज्यसभा में जमकर हमला किया। प्रधानमंत्री ने आडवाणी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह सैन्य कर्मियों और सरकार के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। आडवाणी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2009 के बजट में पूर्व सैनिकों के लिए एक पद एक पेंशन की जिस योजना का वादा किया गया था, उसे आज तक पूरी तरह नहीं लागू किया गया।

मनमोहन सिंह ने कहा, "मैंने जो भी वादा किया था मेरी सरकार ने उसे पूरा किया है। वित्त मंत्री ने बजट में जो वादा किया था उसे भी लागू किया जा चुका है।" आडवाणी ने "न्यूजवीक" में प्रकाशित एक रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें भारतीय और अमरीकी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान ने कश्मीर पर गुप्त रूप से पिछले दरवाजे से बातचीत शुरू कर दी है। आडवाणी ने इस पर प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण मांगा।

इस पर मनमोहन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के दौरान तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंतजी ने कितनी बार अमेरिकी प्रतिनिधियों से बातचीत की? कितनी बार उन्होंने संसद को उसके बारे में सूचित किया? ऎसे में आप मुझसे क्यों काल्पनिक प्रश्Aों का जवाब चाहते हैं? मनमोहन सिंह ने आडवाणी के उस आरोप को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के साथ बातचीत अमरीका के दबाव में शुरू हुई है।
दूसरी ओर राज्यसभा में उग्र विपक्ष ने भाजपा के नेतृत्व में एक अल्पकालिक चर्चा पर पवार के 70 मिनट के जवाब के दौरान उन पर जमकर हमला किया। यह चर्चा जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की मूल्य वृद्धि पर पिछले सप्ताह आयोजित की गई थी। विपक्ष ईधन कीमतों में हुई वृद्धि पर भी उनसे जवाब चाह रहा था, लेकिन पीठासीन अधिकारी पी.जे.कुरियन ने इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को 2010-11 के बजट पर होने वाली बहस के दौरान उठाया जा सकता है।

आडवाणी ने भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच बातचीत शुरू करने की सरकार की पहल पर भी सवाल खड़ा किया। आडवाणी ने कहा कि इससे देश को अपमान के सिवा और कुछ भी हासिल नहीं हुआ है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें