मेरठ/मुरादाबाद/गाजियाबाद/अलीगढ़। प.उप्र में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद और अलीगढ़ में अभूतपूर्व बंद रहा। पिछले 28 वर्षो से लगातार चल रहे आंदोलन में पहली बार जनता भी वकीलों के साथ खड़ी नजर आयी। इस दौरान वकीलों ने नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर शालीमार एक्सप्रेस रोक दी, वहीं कई स्थानों पर जाम भी लगाया। इतना ही नहीं, कई दुकानों को जबरन बंद कराया गया। मुरादाबाद में अधिवक्ताओं ने दिल्ली से गुवाहटी जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस मुरादाबाद जंक्शन पर रोककर प्रदर्शन किया। उधर, अधिवक्ताओं ने अलीगढ़ में दीवानी कचहरी के बाहर रास्ता जाम कर टायर फूंक कर गुस्से का इजहार किया। इसके बाद अधिवक्ता सीमा फाटक के पास दिल्ली-हावड़ा ट्रैक मालगाड़ी को रोककर इंजन पर चढ़ गए। आक्रोशित अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के चलते रीवा एक्सप्रेस को स्टेशन पर ही करीब 20 मिनट तक रोकना पड़ा। आंदोलन के चलते पउप्र में परिवहन सेवा भी बाधित रही।
मेरठ कार्यालय के अनुसार गुरुवार को दिल्ली-देहरादून, मेरठ बदायूं व लखनऊ राज मार्गो के अलावा मुख्य सम्पर्क मार्गो, बाजारों, मंडी, शिक्षण संस्थाओं, पेट्रोल पम्प, गैस एजेंसी, नर्सिग होम, क्लीनिक, दवाघरों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सन्नाटा छाया रहा। बसों, ट्रकों व टेम्पुओं के पहिये थमे रहे। बंद कराने को वकीलों, व्यापारी नेताओं व राजनीतिक दलों की टोलियां सुबह से ही बाजारों में निकल गयी थी परन्तु लोगों ने अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से ही बंद कर दिये थे। वैली बाजार, हापुड़ रोड व सदर में इक्का-दुक्का दुकानों को बंद कराने को नोंकझोंक हुई। इस दौरान वकीलों ने 12 स्थानों को चिन्हित कर चक्का जाम किया। वकीलों ने प्रात: पांच बजे से भैंसाली मैदान व सोहराब गेट अड्डों की नाकेबंदी कर बसों की आवाजाही रोक दी थी। व्यापारी, शिक्षक व छात्र संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा सभी दलों के नेता भी बंद सफल बनाने में जुटे रहे। बेगमपुल पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मानव श्रृंखला बनाई गई। सपाइयों ने केन्द्र सरकार का पुतला फूंका। संघर्ष समिति के चेयरमैन जीएस धामा ने बताया कि आंदोलन की अगली रणनीति तय करने को केन्द्रीय संघर्ष समिति की बैठक 19 सितम्बर को नोएडा में होगी। बागपत में राष्ट्र वंदना चौक पर वकीलों ने सुबह से ही जाम लगा दिया। बाजार और सड़कें सूनी रहीं। बड़ौत और खेकड़ा में वकीलों ने ट्रेन रोकी और जुलूस निकालकर धरना दिया। बुलंदशहर में दोपहर बाद वकीलों ने हड़ताल खत्म कर दी। सहारनपुर में भी बंदी का व्यापक असर दिखा। मुजफ्फराबाद से निर्दलीय विधायक इमरान मसूद और भाजपा के शहर विधायक राघव लखनपाल शर्मा ने तो बेंच के लिए इस्तीफे तक की पेशकश कर दी। मुजफ्फरनगर में दुकाने बंद कराने को लेकर कहीं कहीं झड़प भी हुई। वहीं बिजनौर में वोडाफोन कंपनी का स्थानीय कार्यालय खुला मिलने पर गुस्साए वकीलों ने शीशे तोड़ दिए तथा एक कर्मचारी की पिटाई कर दी।
गाजियाबाद कार्यालय के अनुसार बार एसोसिएशन के सचिव के नेतृत्व में वकीलों व अन्य नेताओं की एक टोली नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची और वहां शालीमार एक्सप्रेस को रोक दिया। उसके बाद सभी लोग अनाज मंडी पर एकत्र हुए और बाजार बंद कराए। इन लोगों ने घंटाघर, गोल मार्केट, दिल्ली गेट, डासना गेट, तुराबनगर, गांधीनगर समेत सभी मार्केट पूरी तरह से बंद करा दिए। इस दौरान कई दुकानदारों को वकीलों की पिटाई का शिकार होना पड़ा। इस तरह कई स्थानों पर झड़प हुई। अधिवक्ताओं ने बाजार बंद कराने के बाद प्रमुख स्थानों और चौराहों पर जाम-प्रदर्शन किया।
मुरादाबाद कार्यालय के अनुसार मंगलवार और बुधवार को यहां अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके बाद गुरुवार के लिए बाजार बंद का कार्यक्रम निरस्त करके दि बार एसोसिएशन एवं लाइब्रेरी की बैठक में रेल चक्का जाम का फैसला लिया था। तयशुदा कार्यक्रम के तहत गुरुवार को मध्याह्न में काफी संख्या में एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता जंक्शन पहुंच गए। दिल्ली से गुवाहटी जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस को अधिवक्ताओं ने आते ही रोक लिया। कई अधिवक्ता तो पटरी पर लेट गए और कई इंजन पर चढ़ गए। जमकर नारेबाजी के बीच अपनी मांग को उन्होंने दोहराया। जहां अधिवक्ताओं ने ट्रेन आधे घंटे रोके रखने का दावा किया, वहीं एडीआरएम एनपी सिंह का कहना है कि ट्रेन का यहां पांच मिनट का स्टापेज है, उतनी ही देर ट्रेन रुकी।
शुक्रवार, 18 सितंबर 2009
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